Reengus Shyam Mandir, इसमें रींगस के श्याम मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है।
अगर आप भी खाटू श्याम जी के भक्त हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद खास है। क्या आप जानते हैं कि खाटू धाम की यात्रा का असली प्रारंभ रींगस से होता है?
रींगस कस्बे में भैरूंजी मोड़ पर स्थित प्राचीन श्री श्याम मंदिर के पास हाल ही में एक भव्य तोरण द्वार बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 75 फीट और चौड़ाई 90 फीट है। यह तोरण द्वार केवल एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि भक्ति और आस्था का प्रतीक बन चुका है, जो श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करता है।
रींगस का यह प्राचीन श्री श्याम मंदिर लगभग 400 साल पुराना है और अपने भीतर इतिहास व श्रद्धा का अद्भुत संगम समेटे हुए है। मंदिर के निर्माण में विशेष प्रकार के मार्बल और धातु का उपयोग किया गया है तथा अंदर की कलाकृतियां बेहद आकर्षक हैं।
यह मंदिर इतना पवित्र माना जाता है कि खाटू श्याम मंदिर के पुजारी भी अपने बच्चों के जात-जडूले यहीं उतारते हैं। सबसे खास बात यह है कि खाटू श्याम जी की पदयात्रा यहीं से शुरू होती है।
मान्यता के अनुसार श्रद्धालु पहले रींगस के इस मंदिर में दर्शन करते हैं, निशान (ध्वज) की पूजा करते हैं और फिर खाटू धाम के लिए पैदल यात्रा प्रारंभ करते हैं। कहा जाता है कि बिना रींगस में दर्शन किए खाटू यात्रा अधूरी मानी जाती है।
रींगस और खाटू — दोनों ही स्थानों को लेकर भक्तों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि दोनों जगह दर्शन करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इसी विश्वास के चलते देशभर के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हरियाणा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
इसलिए जब भी आप खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जाएं, तो अपनी यात्रा की शुरुआत रींगस के इस प्राचीन श्याम मंदिर से अवश्य करें और इस भव्य तोरण द्वार से प्रवेश करते हुए बाबा श्याम का स्मरण जरूर करें। 🙏 जय श्री श्याम 🙏
सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Tags:
Tourism
