गंगू कुंड के पास का सबसे अनदेखा मंदिर! - Meera Adivarah Mandir Udaipur

Meera Adivarah Mandir Udaipur, इसमें उदयपुर में गंगू कुंड के पास हजार साल पुराने भगवान विष्णु के आदिवराह मीरा मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है।

Meera Adivarah Mandir Udaipur

यूँ तो मीराबाई का सम्बन्ध मेड़ता और चित्तौड़गढ़ से रहा है लेकिन इनकी कृष्ण भक्ति की वजह से इनके कई मंदिर भी बने हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक मंदिर उदयपुर शहर के आयड़ में मौजूद है।

यह मंदिर गंगू कुंड के बगल में जैन मंदिर के सामने की तरफ बना हुआ है। वर्तमान में इस मंदिर को पुरातत्व विभाग ने संरक्षित स्मारक घोषित किया हुआ है।

दसवीं-ग्यारहवीं शताब्दी ईस्वी में बना हुआ यह पश्चिम मुखी मंदिर मूल रूप से विष्णु मंदिर था जिसका निर्माण तत्कालीन मेवाड़ के शासक अल्लट ने करवाया था। उस समय इसे आदिवराह मंदिर के नाम से जाना जाता था।

मुख्य मंदिर में गर्भगृह, अंतराल, शिखर और सभामंडप बने हुए हैं। मंदिर का जन्घाभाग विभिन्न प्रकार की कलात्मक प्रतिमाओं से अलंकृत है।

मंदिर के मंडोवर भाग की बाहरी तीनों ताकों में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश की सपत्नीक प्रतिमाएँ बनी हुई हैं।

इन ताकों में उत्तरी ताक में ब्रह्मा-सावित्री, दक्षिणी ताक में शिव-पार्वती और पूर्वी ताक में लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमाओं को मूर्ति विज्ञान के अनुरूप तराशा गया है।

इस मंदिर की उत्तरी दीवार पर बना पत्थर का अद्भुत पैनल अपनी तरह का अनोखा शिल्प है, जिसकी मिसाल दुनिया भर में दुर्लभ है।

यह सिर्फ एक साधारण नक्काशी नहीं, बल्कि पत्थर पर जीवंत हुई वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड की सम्पूर्ण कथा है, जिसे कलाकारों ने अत्यंत सूक्ष्मता और कौशल के साथ उकेरा है।


इन प्रतिमाओं के साथ-साथ अप्सराओं की केश विन्यास, आभूषणों सहित कई भाव भंगिमाओं को दर्शाती हुई अनेक कलात्मक प्रतिमाएँ बनी हुई है।

इन प्रतिमाओं के ऊपरी और निचले भाग में छोटी आकृति की प्रतिमाओं की श्रृंखला भी बनी हुई है। इन लघु प्रतिमाओं से तात्कालिक लोक जीवन की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी मिलती है।

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि मंदिर का बाहरी हिस्सा तीनों तरफ से सुन्दर एवं कलात्मक मूर्तियों से भरा हुआ है। वर्तमान में लगभग सभी प्रमुख मूर्तियाँ खंडित अवस्था में है लेकिन फिर भी उनकी सुन्दरता और आकर्षण देखने योग्य है।

मंदिर के गर्भगृह में लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति स्थित है। गर्भगृह के बाहरी हिस्से में सेवक परिवार ने अपना निवास बना रखा है। गर्भगृह और बाहरी हिस्सा पूरी तरह सादगी पूर्ण अवस्था में है।

किसी समय इस मंदिर का सम्बन्ध गंगू कुंड के ऐतिहासिक मंदिरों से अवश्य रहा होगा क्योंकि इसकी बाहरी मूर्तियों की कलात्मकता और इनकी खंडित अवस्था इसके महत्व को दर्शाती है।

अगर आप ऐतिहासिक और कलात्मक जगहों पर जाने के शौक़ीन हैं तो आपको गंगू कुंड के बगल में स्थित इस मंदिर को अवश्य देखना चाहिए।

मीरा मंदिर उदयपुर की मैप लोकेशन - Map Location of Meera Adivarah Mandir



मीरा मंदिर उदयपुर का वीडियो - Video of Meera Adivarah Mandir



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

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