नींदड़ के किले का इतिहास - Nindar Fort History

Nindar Fort History, इसमें जयपुर के नींदड़ में मौजूद नींदड़ के किले के इतिहास के बारे में जानकारी है।

नींदड़ के किले का इतिहास

आज हम आपको प्राचीन आमेर रियासत की बारह कोटड़ी यानी आमेर रियासत के बारह प्रमुख ठिकानों में से एक नींदड़ ठिकाने में मौजूद फोर्ट के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

एक पहाड़ी पर मौजूद यह फोर्ट अब खंडहर जैसा हो गया है। पहाड़ी की हाइट ज्यादा नहीं है इसलिए फोर्ट तक पैदल जाने के लिए पगडण्डी जैसा पथरीला रास्ता बना हुआ है।

स्क्वायर शेप में बने हुए इस फोर्ट के चारों कोनों पर चार गोल बुर्ज बनी हुई हैं। फोर्ट के गेट से अंदर जाने पर फोर्ट के बीच में ज्यादातर जगह खाली ही दिखाई देती है।

फोर्ट के एक किनारे पर पानी के लिए बेसमेंट जैसी शेप में टांका बना हुआ है जिसमें बारिश का पानी इकठ्ठा होता रहता है। समय के साथ अब यह टांका भी टूटने की कगार पर आ गया है।

फोर्ट के मजबूत परकोटे के पास छोटे-छोटे कमरों के अवशेष आज भी दिखाई देते हैं। ऐसा लगता है कि यह फोर्ट सैनिक गतिविधियों के काम आता था।


फोर्ट से चारों तरफ दूर-दूर तक का सुन्दर नजारा दिखाई देता है। यहाँ से पूरा नींदड़ कस्बा दिखाई देता है। फोर्ट के पास ही भक्तावर सिंह भोमिया जी का मंदिर बना है।

पहाड़ी के नीचे नींदड़ महल या हवेली बनी है जिसमें नींदड़ ठिकाने के ठिकानेदार रहा करते थे। इस महल की हालत अच्छी दिखाई देती है और शायद ये आज भी काम में आता है।

नींदड़ का इतिहास - History of Nindar


अगर हम नींदड़ के इतिहास के बारे में बात करें तो इसे 14वीं शताब्दी में आमेर के राजा उदयकरण के एक पुत्र राव शिवब्रह्म या श्योब्रह्म ने बसाया था जिन्हें नींदड़ और इसके आसपास के 51 गाँव जागीर के रूप में मिले थे।

राव श्योब्रह्म के वंशज श्योब्रह्मपोता कहलाते हैं। आमेर के महाराजा मानसिंह के समय नींदड़ में रावत गोपालदास हुए जिन्होंने इनके साथ अफगानिस्तान में कई युद्ध लड़े।

इनके युद्ध कौशल से प्रभावित होकर इन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी के लिए रावत टाइटल का अधिकार दिया गया। ऐसा बताया जाता है कि नींदड़ के किले का निर्माण रावत गोपालदास ने ही करवाया था।

नींदड़ के रावत जोरावर सिंह भी एक कुशल योद्धा थे और इन्होंने भी कई युद्धों में भाग लिया। महाराजा सवाई जय सिंह ने इन्हें अपनी सेना के लिए मीर बक्शी नियुक्त किया था। बताया जाता है कि जयपुर का जोरावर सिंह गेट इनके नाम पर ही है।

नींदड़ फोर्ट कैसे जाएँ? - How to reach Nindar Fort?


अब हम बात करते हैं कि नींदड़ फोर्ट कैसे जाएँ? जयपुर रेलवे स्टेशन से नींदड़ फोर्ट की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है।

यहाँ पर जाने के लिए आपको सीकर रोड़ पर हरमाड़ा पुलिस स्टेशन से पहले जयरामपुरा मोड़ पर लेफ्ट टर्न लेना होगा। इसके बाद नींदड़ घाटी क्रॉस करके आगे गली में लेफ्ट मुड़कर अपना वाहन पार्क करना है।

इस जगह से आपको पहाड़ी के ऊपर पगडंडी पर पैदल चलकर जाना है। पहाड़ी की ऊँचाई ज्यादा नहीं है इसलिए कोई भी व्यक्ति आसानी से फोर्ट तक जा सकता है।


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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
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