घर को तोड़े बिना ऊपर कैसे उठाएँ? - House Lifting Technique

House Lifting Technique, इसमें घर को तोड़े बिना उसका प्लिंथ लेवल ऊपर उठाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।

House Lifting Technique

आज तक हमने बस, कार, ट्रक आदि व्हीकल को जैक की सहायता से ऊपर उठते देखा है लेकिन क्या आपने किसी बने हुए मकान को जैक की सहायता से ऊपर उठते हुए देखा है?

अगर नहीं देखा है तो आज हम आपको यही दिखाने जा रहे हैं कि एक पूरे बने हुए मकान को जैक की सहायता से किस तरह से ऊपर उठाया जाता है। यहाँ पर सबसे पहला प्रश्न यह उठता है कि आखिर किसी बने हुए मकान को ऊपर उठाने की जरूरत क्यों पड़ती है।

इस प्रश्न का उत्तर बड़ा आसान है, दरअसल जब भी कोई मकान बनाया जाता है तो उसका प्लिंथ लेवल यानी उसके आँगन का लेवल बाहर की सड़क के मुकाबले पर्याप्त ऊँचाई पर रखा जाता है।

लेकिन आजकल जब भी सड़क बनाई जाती है तब इसे पुरानी सड़क पर ही बना दिया जाता है। इस प्रकार जब यह सड़क एक सड़क के ऊपर कई बार बनती है तो धीरे-धीरे इसकी ऊँचाई बढ़ती रहती है।

इस सड़क के लेवल में लाने के लिए इसके दोनों किनारों के आस पास मिट्टी या मलबा भर दिया जाता है। कई वर्षों जैसे पंद्रह बीस वर्ष के पश्चात इस सड़क की ऊँचाई इसके पास में स्थित मकानों के प्लिंथ लेवल के बराबर या उससे अधिक हो जाती है जिसकी वजह से मकान सड़क से नीचे चला जाता है।

यह समस्या उन मकानों के साथ अधिक पाई जाती है जिनका प्लिंथ लेवल सड़क के मुकाबले में अधिक नहीं होता है। ऐसे मकान जल्दी ही सड़क के लेवल से नीचे चले जाते हैं।

ऐसे मकान अपनी सुन्दरता तो खोते ही हैं इसके साथ ही साथ इनमें सड़क का गन्दा पानी भरने और घर के गंदे पानी के ड्रेनेज की समस्या भी आने लगती है।

पुराने समय में इस प्रकार की समस्या नहीं होती थी क्योंकि उस समय ना तो डामर की सड़क हुआ करती थी और ना ही मकानों का लेवल नीचे जाता था।

आज से कुछ वर्षों पूर्व तक सड़क के लेवल से नीचे चले जाने वाले मकान को तोड़ कर नया बनाने के अलावा दूसरा कोई तरीका नहीं था लेकिन समय के साथ-साथ इस समस्या का इलाज भी ढूँढ लिया गया है।

अब पूरे के पूरे मकान को जैक की सहायता से जमीन से आठ दस फीट तक ऊपर उठा कर नया प्लिंथ लेवल बना दिया जाता है।

इस प्रक्रिया में लगभग एक महीने के आस पास समय लगता है और इसमें आने वाला खर्च मकान को तोड़कर नया बनाये जाने के मुकाबले में काफी कम होता है।

मकान को ऊपर उठाने के लिए सबसे पहले पूरे मकान के फर्श को तोड़ा जाता है। फिर एक-एक दीवार के नीचे से मिट्टी हटाकर उसके नीचे से नई दीवार बनानी शुरू की जाती है। दीवार बनाने के साथ ही उस पर कई जैक और चैनल लगाये जाते हैं।

जब मकान की सभी दीवारों के नीचे जैक लग जाते हैं तब इन्हें घुमाकर धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है। साथ ही साथ दीवार की ऊँचाई बढ़ाते जाते हैं और खाली जगह को मिट्टी से भरते जाते हैं।

इस प्रकार जब तय ऊँचाई तक मकान का प्लिंथ लेवल आ जाता है तब जैक हटा लिए जाते हैं। इसके बाद घर में नया फर्श डाल दिया जाता है। इस प्रकार मकान अपने पुराने स्वरूप में जमीन से इच्छित ऊँचाई तक उठा दिया जाता है।

यह तकनीक उन लोगों के विशेष लाभदायक साबित हुई है जो अपने मकान को किसी भी कीमत पर सिर्फ इस वजह नहीं तोड़ना चाहते हैं क्योंकि इसके साथ उनकी कई यादें जुड़ी होती है।

अगर आपके मकान के साथ भी प्लिंथ लेवल के नीचे चले जाने की समस्या है तो आप भी इस तकनीक के माध्यम से अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।

घर को तोड़े बिना ऊपर उठाने का वीडियो - Video of House Lifting Technique in Hindi



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना एवं जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों, उपलब्ध सूचनाओं तथा लेखक के अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। यद्यपि जानकारी को यथासंभव सही एवं उपयोगी रखने का प्रयास किया गया है, इसकी सटीकता, पूर्णता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती।

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Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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