surajgarh nishan history and story, surajgarh nishan, surajgarh nishan mahima, surajgarh nishan importance, surajgarh nishan relation with khatu shyamji, surajgarh relation with khatu shyam, surajgarh flag relation with khatu shyam mandir

surajgarh nishan history and story

Surajgarh Nishan History


मंदिर के शिखर पर झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ का निशान साल भर लहराता रहता है. मंदिर पर सूरजगढ़ का निशान लहराने के पीछे एक किवदंती है.

Surajgarh Nishan Story


इसके अनुसार काफी वर्ष पहले श्याम भक्तों में मंदिर पर अपना निशान चढाने की होड़ मच गई थी तब इस बात पर सहमति बनी कि जो श्याम भक्त मंदिर के बंद ताले को मोरछड़ी से खोलेगा, उसी का निशान शिखर पर चढ़ेगा.

Surajgarh Nishan relation with Morchhadi


सूरजगढ़ से निशान लेकर आए श्याम भक्त मंगलाराम ने मंदिर के ताले को मोरछड़ी से खोल दिया. उस समय से ही मंदिर के शिखर पर सूरजगढ़ का निशान चढ़ता आ रहा है. वर्तमान में मंगलाराम के परिवार व सूरजगढ़ के लोग इस परम्परा को निभा रहे हैं.

Two temples of Khatu Shyam in Surajgarh


सूरजगढ़ में श्याम बाबा का पहले एक ही मंदिर था. खाटू मेले के दौरान इसी मंदिर से निशान जाता था. पुराने मंदिर के पास एक और मंदिर बनने के बाद 2004 से दोनों मंदिरों से अलग-अलग निशान जाने लगे हैं.

खाटू मंदिर कमेटी ने दोनों मंदिरों को अहमियत देते हुए दोनों निशान को शिखर पर चढ़ाने की अनुमति दे दी. पैदल जत्थों के आगे महिलाएं सिर पर जलती हुई सिगड़ी लेकर चलती हैं.

शिखर पर निशान चढ़ाने के बाद पैदल ही लौटते हैं. परंपरा है कि पदयात्रा जहां से शुरू होती है, वहीं संपन्न होनी चाहिए. इसलिए निशान चढ़ाने के बाद पैदल लौटते हैं.

About Author

Ramesh Sharma
M Pharm, MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA, CHMS

Connect with us

Local Business Platform
Shrimadhopur Directory
Follow Us on Twitter
Follow Us on Facebook
Follow Us on Instagram
Travel Guide on YouTube
Health Show on YouTube

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्त्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है. हमारा उद्देश्य आप तक सूचना पहुँचाना है अतः पाठक इसे महज सूचना के तहत ही लें. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी.

आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं एवं कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार इस वेबसाइट के नहीं हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति यह वेबसाइट उत्तरदायी नहीं है.